दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर पूर्व क्षेत्र में सीएए को लेकर हुई हिंसा में अब तक 32 जानें जा चुकी हैं. दिल्ली के अळग अलग अस्पतालों में करीब 200 घायल भर्ती हैं. बुधवार से हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में शांति है. पुलिस चप्पे चप्पे पर तैनात है. आज हाई कोर्ट में दिल्ली हिंसा को फिर सुनवाई होगी. इसी बीच इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है.
- दिल्ली हाईकोर्ट के जज जस्टिस मुरलीधर के ट्रांसफर पर सरकार का जवाब- सिफारिश की तारीख 12 फरवरी है. प्रक्रिया के तहत किया गया है ट्रांसफर. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि ट्रांसफर के रूटीन पर राजनीति करके कांग्रेस ने दिखा दिया है कि वे न्यायपालिका का कितना सम्मान करते हैं. भारत के लोगों ने कांग्रेस को रिजेक्ट किया है और कांग्रेस संस्थाओं को खत्म करने का प्रयास कर रही है.
- हाई कोर्ट के जज मुरलीधर एस मुरलीधर का ट्रांसफर होने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सवाल खड़े किए हैं. राहुल ने अपने ट्वीट में जस्टिस लोया को याद किया और लिखा कि बहादुर जज लोया को नमन, जिनका ट्रांसफर नहीं किया गया था.
- कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने हाईकोर्ट मुरलीधर के तबादले पर केंद्र सरकार को घेरते हुए हैरानी जताई है. प्रियंका गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि आधी रात में जस्टिस मुरलीधर का तबादले से हैरानी हुई. सरकार न्याय का मुंह बंद करना चाहती है.
- दिल्ली के उत्तर पूर्व क्षेत्र में दो दिन की सांप्रदायिक हिंसा में 32 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं कई घायलों की स्थिति अभी भी गंभीर है. दिल्ली के अलग- अलग अस्पतालों में करीब 200 घायल भर्ती है. मृतकों की संख्या बुधवार तक 27 थी. दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, जीटीबी अस्पताल में पांच और लोगों की जान चली गई, जिससे इस अस्पताल में मरने वालों की संख्या 30 हो गई. कुल मृतक संख्या 32 तक पहुंच गई.