Report by
Chhattisgarh Jyoti
महासमुंद। प्रिजन कॉलिंग सिस्टम के माध्यम से आज विचाराधीन कैदी तरूण साहू ने अपने माता-पिता और बच्चों से बात की। इससे पूर्व प्रिजन कॉलिंग सिस्टम सुविधा का विधिवत शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती सुषमा सांवत ने कीं। इस दौरान एसडीएम सुनील चंद्रवंशी,सहायक जेल अधीक्षक मुकेश कुशवाहा,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव मो.जंहागीर तिगाला और डॉक्टर अमित प्रसाद उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि आज से प्रिजन कॉलिंग सिस्टम के माध्यम से जिला जेल में विचाराधीन बंदी और दंडित बंदी अब सप्ताह में एक दिन अपने परिजनों और वकील से बात कर पायेंगे जिसकी शुरूआत धारा 302 के आरोपी तरूण साहू ने अपने परिजनों से बात कर की। बता दें कि प्रिजन कॉलिंग सिस्टम की सुविधा बंदी सुधार को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार और हाईकोर्ट के निर्देश पर लागू किया गया है। सहायक जेलर मुकेश कुशवाहा ने बताया इस सुविधा से जेल में बंद बंदी अब सप्ताह में एक दिन किन्ही दो नंबर पर अपने परिजन व वकीलों से दो मिनिट बात कर सकेंगे जिसकी ऑटोमैटिक रिकार्डिंग होगी। जिसकी आज शुरूआत हुई है। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि बात का विषय घरेलू व प्रकरण विषयक ही हो । यदि अशखील भाषा या विषय से हटकर कोई बात की जाती है तो यह सुविधा समाप्त की जा सकती है। उपयोग की समयावधि दिन में 9 बजे से 1 बजे और शाम 4 से 6 बजे तक होगी। रविवार व अवकाश के दिनों में यह सुविधा 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगी। सुविधा प्राप्त करने के लिए बंदियों से दो नंबर मांगे गए थे जिसका पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया। इन दो नंबरों में से एक नंबर अधिवक्ता का और दो नंबर परिवारिक सदस्य या मित्र का है। सहायक जेलर श्री कुशवाहा ने बताया कि बात की अवधि दो मिनट होगी जिसके लिए एक रूपए प्रति मिनट का चार्ज लगेगा। श्री कुशवाहा ने बताया कि प्राप्त दिशा निर्देश के अनुसार नक्सली,आतंकवादी, डकैत,फिरौती अपहरणकारी,एनडीपीएस बलात्कार,लूट व अन्य विशेष सुरक्षा वाले बंदियों को यह सुविधा प्राप्त नहीं होगी। श्री कुशवाहा के अनुसार सेंट्रल जेल में यह सुविधा पहले से चल रही है अब यह जिला जेल में लागू होने जा रही है जिसके बाद उपजेल में भी सुविधा लागू की जा सकती है।